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We Can Not Change Your Destiny...But We Can Show You The Way...To Change Your Destiny.... Book Appointment
वास्तु एवं ऊर्जा परामर्श (FAQs)
1. रिशुतोष जैन जी का वास्तु परामर्श सामान्य वास्तु से कैसे अलग है?
सामान्यतः वास्तु में केवल दिशाओं और नक्शों (Orientation) पर ध्यान दिया जाता है, लेकिन रिशुतोष जैन जी का मुख्य कार्य भूमि की भूगर्भीय ऊर्जा (Land Energy) पर आधारित है। वे मानते हैं कि भवन की बनावट से अधिक महत्वपूर्ण उस भूमि की 'अंतरात्मा' यानी उसकी ऊर्जा है, जो निर्माण के बाद आपके जीवन को प्रभावित करती है।
2. भूमि पर चलकर ऊर्जा का परीक्षण करने का क्या अर्थ है?
यह रिशुतोष जैन जी की एक अद्वितीय और ईश्वरीय शक्ति है, जिसके लिए उन्हें Asia & India Book of Records से सम्मानित किया गया है। वे बिना किसी मशीन के, केवल भूमि की सतह पर चलकर वहां मौजूद सकारात्मक और नकारात्मक तरंगों को महसूस कर लेते हैं। वे जमीन के नीचे दबे 'शल्य' (जैसे हड्डियां या अशुद्धियां) या शुभ तत्वों का सटीक स्थान और गहराई बताने में सक्षम हैं।
3. क्या ऊर्जा परीक्षण के लिए खुदाई करना आवश्यक है?
नहीं, खुदाई केवल तब की जाती है जब रिशुतोष जैन जी भूमि के नीचे किसी बड़े नकारात्मक अवरोध (शल्य) की पहचान करते हैं जिसे निकालना अनिवार्य हो। अन्यथा, वे ऊर्जा को संतुलित (Energy Balancing) करने के सूक्ष्म उपाय भी बताते हैं ताकि बिना तोड़-फोड़ के सकारात्मक परिणाम मिल सकें।
4. '70% भूमि और 30% निर्माण' का सिद्धांत क्या है?
रिशुतोष जैन जी के अनुसार, किसी भी स्थान की सफलता में 70% योगदान उस भूमि की अपनी ऊर्जा का होता है। यदि भूमि की ऊर्जा नकारात्मक है, तो आप उस पर कितना भी अच्छा निर्माण कर लें, पूर्ण लाभ नहीं मिलता। इसीलिए वे सबसे पहले भूमि के ऊर्जा शोधन पर बल देते हैं।
5. क्या यह सेवा केवल नए निर्माण के लिए है या बने हुए घर के लिए भी?
यह सेवा दोनों के लिए है। नए निर्माण (Plot) के लिए 'क्षेत्र वास्तु' किया जाता है, जबकि पहले से बने हुए मकान, ऑफिस या फैक्ट्री में ऊर्जा का संतुलन (Energy Balancing) करके वहां व्याप्त समस्याओं को दूर किया जाता है।
6. रिशुतोष जैन जी से परामर्श के लिए अपॉइंटमेंट कैसे लें?
आप हमारी वेबसाइट के 'Contact Us' फॉर्म के माध्यम से या दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके अपनी साइट विजिट या ऑनलाइन परामर्श के लिए समय सुरक्षित कर सकते हैं।
भूमि और ऊर्जा विज्ञान (Land & Energy Science)
7. क्या हर भूमि में ऊर्जा होती है?
हाँ, पृथ्वी के हर हिस्से में अपनी एक ऊर्जा होती है, जो ब्रह्मांडीय तरंगों के साथ मिलकर काम करती है। यह ऊर्जा सकारात्मक भी हो सकती है और नकारात्मक भी।
8. नकारात्मक ऊर्जा या 'शल्य' के लक्षण क्या हैं?
यदि किसी भूमि पर जाने से भारीपन, बेचैनी या बिना कारण डर महसूस हो, तो वह नकारात्मक ऊर्जा का संकेत हो सकता है। रिशुतोष जैन जी चलकर इसका सटीक कारण खोज लेते हैं।
9. क्या मशीनों से भूमि की ऊर्जा नहीं मापी जा सकती?
मशीनें केवल एक स्तर तक रेडिएशन माप सकती हैं, लेकिन रिशुतोष जैन जी की सूक्ष्म दृष्टि भूमि के 'भाव' और 'इतिहास' को भी समझ लेती है, जिसे कोई मशीन नहीं पकड़ सकती।
10. भूमि के नीचे की गहराई का पता रिशुतोष जैन जी कैसे लगा लेते हैं?
यह उनकी वर्षों की साधना और वह विशेष क्षमता है जिसके लिए उन्हें विश्व रिकॉर्ड मिला है। वे ऊर्जा की सघनता (Density) से गहराई का सटीक अनुमान लगा लेते हैं।
विशिष्ट समस्याओं के समाधान (Specific Problem Solving)
11. फैक्ट्री में लगातार मशीनें खराब होना क्या वास्तु दोष है?
जी हाँ, यदि भूगर्भीय ऊर्जा और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड का तालमेल न हो, तो तकनीकी समस्याएं और आर्थिक हानि बनी रहती है।
12. क्या वास्तु से व्यापार में रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है?
वास्तु 'द्रव्य', 'क्षेत्र', 'काल' और 'भाव' के संतुलन पर काम करता है। ऊर्जा का प्रवाह सही होने पर अटके हुए कार्य गति पकड़ने लगते हैं।
13. घर में बार-बार बीमारी का आना क्या भूमि दोष है?
यदि घर के नीचे कोई 'शल्य' या नकारात्मक ऊर्जा पुंज है, तो वह निवासियों के स्वास्थ्य पर सीधा असर डालता है।
14. क्या बच्चों की एकाग्रता (Concentration) के लिए विशेष वास्तु उपाय हैं?
हाँ, 'भाव वास्तु' और सही ऊर्जा जोन के चुनाव से बच्चों की सीखने की क्षमता में बड़ा सुधार लाया जा सकता है।
15. क्या बिना तोड़-फोड़ के पुराने घर का वास्तु ठीक हो सकता है?
रिशुतोष जैन जी का मुख्य कार्य ऊर्जा शोधन है। अधिकांश मामलों में, भूमिगत ऊर्जा को संतुलित करके बिना बड़ी तोड़-फोड़ के परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
ऐतिहासिक और शास्त्रोक्त पक्ष (Scriptural Aspects)
16. भगवान विश्वकर्मा और रिशुतोष जैन जी की पद्धति में क्या संबंध है?
रिशुतोष जैन जी उन्हीं प्राचीन सिद्धांतों का पालन करते हैं जो श्री आदिनाथ जी ने अपने पुत्र अनंतवीर्य (विश्वकर्मा) को दिए थे। यह पद्धति शुद्ध और शास्त्रोक्त है।
17. 'अष्टांग निमित्त' क्या है?
यह जैन दर्शन का एक महान विज्ञान है। इसके अंतर्गत 'भूमि निमित्त' में भूमि के लक्षणों को देखकर भूत और भविष्य बताने की कला का वर्णन है।
18. 'काल वास्तु' का मुहूर्त से क्या लेना-देना है?
काल वास्तु वह समय है जब पृथ्वी की ऊर्जा और अंतरिक्ष की ऊर्जा का मिलन सबसे शुभ होता है। सही समय पर किया गया कार्य चिरस्थायी होता है।
19. 'द्रव्य वास्तु' में धन की शुद्धता क्यों जरूरी है?
गलत तरीके से अर्जित धन से खरीदी गई भूमि कभी पूर्ण सुख नहीं देती। रिशुतोष जैन जी निवेश की 'क्वालिटी' पर भी मार्गदर्शन देते हैं।
एशिया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (Records & Trust)
20. विश्व रिकॉर्ड धारक से परामर्श लेने का मुख्य लाभ क्या है?
इसका अर्थ है कि आप एक प्रमाणित (Validated) विशेषज्ञ से सलाह ले रहे हैं जिसकी क्षमता को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने परखा और सही पाया है।
21. क्या रिशुतोष जैन जी की यह विद्या वैज्ञानिक है?
पूरी तरह। यह 'जियो-बायोलॉजी' (Geo-biology) और सूक्ष्म तरंगों के विज्ञान पर आधारित है। जिस तरह सोनार या राडार तरंगों के माध्यम से वस्तुओं का पता लगाते हैं, रिशुतोष जैन जी अपनी इंद्रियों के माध्यम से भूमि की विद्युत-चुंबकीय तरंगों को महसूस करते हैं।
22. क्या चलकर ऊर्जा पहचानना कोई जादू है?
नहीं, यह एक सूक्ष्म इंद्रिय ज्ञान है जो निरंतर अभ्यास और ऊर्जा के प्रति संवेदनशीलता (Sensitivity) से विकसित होता है।
व्यावहारिक एवं गहराई के प्रश्न (Practical & In-depth)
23. प्लॉट खरीदने से पहले या बाद में, कब परामर्श लेना बेहतर है?
प्लॉट खरीदने से पहले परामर्श लेना सबसे अच्छा है, ताकि आप गलत निवेश से बच सकें।
24. क्या मिट्टी का रंग और गंध भी वास्तु में मायने रखते हैं?
जी हाँ, आचार्य भद्रबाहु स्वामी जी के अनुसार मिट्टी का रंग, गंध और स्वाद भूमि के गुणधर्मों को बताते हैं।
25. 'भाव वास्तु' का इंटीरियर डिजाइन में क्या रोल है?
यह सुनिश्चित करता है कि आपके घर के रंग, सजावट और शिल्पकारों के विचार आपके मानसिक शांति के अनुकूल हों।
26. क्या अपार्टमेंट या फ्लैट में भी भूमि ऊर्जा काम करती है?
भले ही आप 10वीं मंजिल पर हों, लेकिन पूरे भवन की नींव उसी भूमि पर है। भूमि की ऊर्जा का प्रभाव ऊपरी मंजिलों तक भी सूक्ष्म रूप में रहता है।
27. क्या शल्य (हड्डियां) निकलने के बाद भूमि तुरंत शुद्ध हो जाती है?
शल्य निकालने के बाद एक विशेष ऊर्जा शोधन प्रक्रिया की जाती है, जिससे भूमि का 'औरा' (Aura) पुनः पवित्र हो जाता है।
28. रिशुतोष जैन जी एक साइट विजिट में कितना समय लेते हैं?
यह भूमि के आकार और ऊर्जा की जटिलता पर निर्भर करता है, सामान्यतः 1 से 3 घंटे का गहन निरीक्षण किया जाता है।
29. क्या वे विदेशों में भी सेवाएँ प्रदान करते हैं?
जी हाँ, ऊर्जा विज्ञान की कोई सीमा नहीं है। वे वैश्विक स्तर पर अपनी सेवाएँ देते हैं।
30. परामर्श के बाद क्या कोई लिखित रिपोर्ट दी जाती है?
हाँ, भूमि के ऊर्जा स्तर और आवश्यक सुधारों की विस्तृत जानकारी साझा की जाती है।
31. जमीन के नीचे हड्डियों (शल्य) का पता चलना जीवन को कैसे प्रभावित करता है?
शास्त्रों के अनुसार, भूमि के नीचे दबी हड्डियां या अशुद्धियां 'नकारात्मक ऊर्जा पुंज' बनाती हैं। यह उस स्थान पर रहने वालों के मानसिक स्वास्थ्य, निर्णय लेने की क्षमता और आर्थिक उन्नति में भारी अवरोध पैदा करती हैं। रिशुतोष जैन जी इन्हें ढूंढकर ऊर्जा को मुक्त करते हैं।
32. क्या रिशुतोष जैन जी बिना जमीन खोदे भी नकारात्मक ऊर्जा को कम कर सकते हैं?
हाँ, जहाँ खुदाई संभव नहीं होती (जैसे बने हुए मल्टी-स्टोरी अपार्टमेंट), वहाँ वे विशिष्ट 'ऊर्जा शोधन' तकनीकों और ज्यो वास्तु के यंत्रों के माध्यम से ऊर्जा को संतुलित करते हैं।
33. एक 'ऊर्जा संपन्न' भूमि और 'ऊर्जा विहीन' भूमि में क्या अंतर है?
ऊर्जा संपन्न भूमि पर कदम रखते ही मन प्रसन्न और उत्साहित होता है, जबकि ऊर्जा विहीन भूमि पर थकान, चिड़चिड़ापन और तनाव महसूस होता है।
34. क्या भूमि की ऊर्जा समय के साथ बदल सकती है?
हाँ, निर्माण के दौरान हुए बदलाव, आसपास का वातावरण या पूर्व निवासियों के कर्मों के प्रभाव से भूमि की ऊर्जा बदल सकती है। इसीलिए समय-समय पर 'एनर्जी ऑडिट' जरूरी है।
35. क्या व्यापारिक मंदी का संबंध भूमि ऊर्जा से हो सकता है?
90% मामलों में देखा गया है कि यदि व्यापारिक स्थल की भूगर्भीय ऊर्जा स्थिर (Stagnant) हो जाए, तो ग्राहक आना कम हो जाते हैं और फैसले गलत होने लगते हैं।
36. क्या रिशुतोष जैन जी घर के नक्शे में बदलाव किए बिना वास्तु ठीक कर सकते हैं?
जी हाँ, उनका मुख्य फोकस भूमि की 'आंतरिक ऊर्जा' (70%) पर है। यदि आधार ऊर्जा ठीक हो जाए, तो भौतिक ढांचे (30%) में मामूली बदलाव या बिना तोड़-फोड़ के भी महान परिणाम मिलते हैं।
37. क्या रिकॉर्ड बनाने के दौरान रिशुतोष जैन जी का परीक्षण सार्वजनिक रूप से हुआ था?
जी हाँ, Asia & India Book of Records की टीम और कई विशेषज्ञों की मौजूदगी में उनकी क्षमताओं का कड़ा परीक्षण किया गया था।
38. क्या भूमि की ऊर्जा का प्रभाव पालतू जानवरों पर भी पड़ता है?
पशु-पक्षी नकारात्मक ऊर्जा के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं। रिशुतोष जैन जी अक्सर पालतू जानवरों के व्यवहार से भी भूमि के दोषों की पुष्टि करते हैं।
39. 'भाव वास्तु' में शिल्पी (मजदूरों/कारीगरों) के विचारों का क्या महत्व है?
निर्माण के समय जो व्यक्ति काम कर रहा है, उसके मन के भाव ईंट-पत्थर में समाहित हो जाते हैं। रिशुतोष जैन जी निर्माण के दौरान एक 'पवित्र वातावरण' बनाए रखने का मार्गदर्शन देते हैं।
40. रिशुतोष जैन जी से परामर्श लेने के बाद परिणाम मिलने में कितना समय लगता है?
ऊर्जा के शुद्धिकरण के तुरंत बाद वातावरण में हल्कापन महसूस होने लगता है। भौतिक और आर्थिक परिणाम सामान्यतः 45 से 90 दिनों के भीतर दिखाई देने लगते हैं। कई बार यह समय समस्या कितनी गंभीर है इस पर भी निर्भर करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
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